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गढ़वाल़ी कुमाऊनी, जौनसारी भाषा पर द्वि-दिवसीय संगोष्ठी

गढ़वाल, कुमाऊ अर जौनसारी भाषा विद्वान दिल्ली मा ह्वेनी कट्ठा

सूण ल्यो

गढ़वाली, कुमाउंनी अर जौनसारी अकादमी, दिल्ली द्वारा  दिल्ली मा एक द्वि- दिवसीय भाषा संगोष्ठी को आयोजन करेगे। ये कार्यक्रम मा दिल्ली अर उत्तराखंड का लगभग 35 भाषा जानकार अर भाषा प्रेमी कट्ठा ह्वेनी अर वूंन् यूं भाषाओं से जुड़्यां कतनै पक्षों पर विचार करे।

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यीं द्वी दिनूं की संगोष्ठी का शुरुआत दीप प्रज्वलित कर्ना साथ डॉ हेमा उनियाल द्वारा सरस्वती वंदना से ह्वे। येसा बाद उपस्थिति सब्बि प्रतिभाग्यूं को स्वागत अकादमी का सचिव श्री संजय गर्ग न् करे।

द्वी दिना ये आयोजन का पैला दिन का पैला सत्र मा डॉ हेमा उनियाल न् ‘उत्तराखंड की भाषा साहित्य एवं संस्कृति’ , डॉ सरस्वती कोहलीन् कुमाउनी भाषा एवं उसका साहित्य, सुश्री मंजूषा जोशीन् ‘जौनसारी भाषा एवं उसका साहित्य’ अर श्रीमती बीना बेंजवालन ‘गढ़वाली भाषा एवं उसका साहित्य’  विषय पर अपणो व्यक्तव्य दे। सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री ललित केशवान जीन् करे।

दुसरा सत्र मा श्री रमाकांत बेंजवाल जी ‘ भाषा का मानकीकरण की प्रक्रिया व क्रियान्वयन’, पहरू का संपादक डॉ हयात सिंह रावत जीन् ‘ मानकीकरण एवं भाषाई एकरूपता में लेखकों एवं पत्र-पत्रिकाओं की भूमिका’ अर श्रीमती निर्मला नेगी जीन् ‘आंचलिक साहित्य में लेखन हेतु भाषाई एकरूपता की आवश्यकता’ विषय पर सविस्तार से अपणि बात रखे। सत्र की अध्यक्षता कुमाउनी अर हिंदी का वरिष्ठ साहित्यकार श्री गिरीश बिष्ट ‘हंसमुख’ द्वारा अर संचालन रमेश हितैषी जी द्वारा करेगे।

तिसरो सत्र ‘ गढ़वाली, कुमाउंनी व जौनसारी में नवलेखन’ विषय पर चर्चा ह्वे जैमा ओम प्रकाश आर्य, आशीष सुंदरियाल, राघव शर्मा, रोशन लाल, जगमोहन सिंह रावत अर जयपाल सिंह रावत जीन् अपणा विचार रखीन्। सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पूरण चन्द्र कांडपाल अर संचालन श्री पृथ्वी सिंह केदारखंडी द्वारा करेगे।

दुसरा दिन का पैला सत्र मा ‘नई शिक्षा नीति एवं मातृभाषा में शिक्षण पर डॉ नंद किशोर हटवाल, वैश्विक भाषाई चेतना, आठवीं अनुसूची एवं हमारी भाषाएँ पर आशीष सुंदरियाल, मातृभाषा एवं नई पीढ़ी पर खजान दास शर्मा व डॉ जगदंबा कोटनाला जी का व्याखान ह्वेनि। अध्यक्षता चंदन प्रेमी जीन् अर संचालन दिनेश ध्यानी जीन् करे

दुसरा सत्र मा आंचलिक भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में ‘फिल्म व रंगमंच का योगदान’ पर दर्शन सिंह रावत, सोशल मीडिया का प्रभाव पर शांति प्रकाश जिज्ञासू, अर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर प्रदीप रावत खुदेड़ को व्यक्तव्य ह्वे। सत्र की अध्यक्षता कवि व चिट्ठी-पत्री का संपादक मदन मोहन डुकलाण अर संचालन आशीष सुंदरियाल न् करे।

तिसरा सत्र मा मोहन जोशी जीन् ‘अर डॉ जगदंबा कोटनाला जीन् कविता लेखन पर अर रमेश घिल्डियाल जीन्  गद्य लेखन पर विस्तृत चर्चा करे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री लोकेश नवानी जीन् अर संचालन शांति प्रकाश जिज्ञासू जीन् करे।

येका बाद अंतिम सत्र मा प्रमाण पत्र वितरण, धन्यवाद प्रस्ताव अर ग्रूप फोटो का दगड़ ही ये द्वी दिना सार्थक कार्यक्रम को सफल समापन ह्वे।

-आशीष सुंदरियाल

 

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