
25 अक्टूबर, 2025 खुणि गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान द्वारा मन्दाकिनी अपार्टमेंट सभागार प्रीतमपुरा म सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका मीरा गैरोला की जयंती परैं आयोजित समारोह म सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका श्रीमती मधु बेरिया शाह तैं पंडित मीरा गैरोला स्मृति संगीत सम्मान- 2025 प्रदान करे गे । सम्मान स्वरुप अंगवस्त्र, पुष्पहार, सम्मान पत्र, स्मृति चिन्ह व सम्मान राशि प्रदान करेगे। ये परैं सुप्रसिद्ध कत्थक नर्तक/गायक जगदीश ढौंडियाल व मधु बेरिया शाह द्वारा संगीतमय श्रद्धांजलि मीरा गैरोला तैं अपणी क माध्यम से प्रस्तुति देन । दगड़ी जयपाल सिंह रावत, दर्शन सिंह रावत, पृथ्वी सिंह केदारखण्डी, दिनेश ध्यानी, गिरधारी रावत, कुसुम चौहान, ब्रह्मानंद कगडियाल, आदि कवियों द्वारा कवितापाठ भी करे गे

गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान क संरक्षक बरिष्ठ साहित्यकार ब्रह्मानंद कगड़ियल ल उपस्थित लोगों कु स्वागत करदा बोलि कि पंडित मीरा गैरोला जी ल अल्पायु म शास्त्रीय गायन क क्षेत्र म जु काम कैरी वु अतुलनीय छ । मीरा गैरोला की गिनती देश क उच्चकोटि की गायिकाओं म होंद । गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान मीरा गैरोला की यादों तैं सहेजणा काम करणों । दगड़ि प्रतिष्ठान साहित्य क क्षेत्र म बि लगातार काम करणु छ।
गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान क अध्यक्ष रमेश चंद्र घिल्डियाल सरस ल बोलि कि स्वर्गीय मीरा गैरोला उत्तराखण्ड की ही न देश की चुनिंदा शास्त्रीय गायिकाओं म एक छै । मीरा गैरोला क असमायिक निधन से शास्त्रीय संगीत की एक विद्वान गायिका तैं देश ने ख्वे दे । मीरा गैरोला की स्मृति तैं बनाये रखण खुणि गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान वों कि स्मृति म हर वर्ष मीरा गैरोला स्मृति संगीत सम्मान प्रदान करदा आणू । ओंल बोलि कि गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान भाषा-साहित्य की सेवा का अतिरिक्त अपण समाज की विभूतिओं तैं बि याद करणु रैन्द । सुप्रसिद्ध साहित्यकार अबोधबंधु बहुगुणा साहित्य सम्मान व पंडित मीरा गैरोला स्मृति संगीत व ललित मोहन थपलियाल रंगमंच सम्मान क माध्यम से प्रतिष्ठान यु काम करणू । यांका अलावा द्वी दर्जन से अधिक पुस्तकों कु प्रकाशन बि प्रतिष्ठान कैरी चुकि गे ।
ये मौका परैं उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली क संयोजक, साहित्यकार दिनेश ध्यानी ल बोलि कि गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान द्वारा दिवंगत विभूतियों तैं करणु अनुकरणीय छ । ध्यानी ल बोलि कि हम सबकी जिम्मेदारी छ कि हम भाषा-साहित्य, रंगमंच व संस्कृति की सेवा करदा गढ़वाली व कुमाउनी भाषाओं तैं संविधानै की आठवीं अनुसूची म शामिल कना खातिर बि एकजुट ह्वेकि काम करौं । यीं दिशा म प्रमुख लोगों व संगठनों तैं सहयोग करण चैन्द। उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली लगातार यीं दिशा म काम करणू छ।
ये आयोजन म कै संगीत प्रेमी, साहित्यकार व समाज क गणमान्य लोगों ल शिरकत कैरी। सुप्रसिद्ध कत्थक नृत्य गुरु जगदीश ढौंडियाल, मीरा गैरोला क पति सुरेन्द्र गैरोला, वरिष्ठ पत्रकार समाजसेवी सुनील नेगी, चारु तिवारी, उद्यमी संजय भारतीय, गढ़वाल हितैषिणी सभा के महासचिव पवन कुमार मैठाणी, फिल्मकार मनोज चन्दोला, वरिष्ठ समाजसेवी ललित ढौंडियाल, उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच, दिल्ली के संयोजक, साहित्यकार दिनेश ध्यानी, जयपाल सिंह रावत, पृथ्वी सिंह केदारखंडी, दर्शन सिंह रावत, चन्दन प्रेमी, गिरधारी रावत, मुरली सिंह नेगी, कुसुम चौहान, नाटककार व लेखिका वसुंधरा नेगी व मन्दाकिनी अपार्टंमेंट का रैवासियों ल भाग ले । कार्यक्रम को संचालन गढ़वाल अध्ययन प्रतिष्ठान क अध्यक्ष रमेश चन्द्र घिल्डियाल सरस ल कैरी।
रिपोर्ट-दिनेश ध्यानी



