
उत्तराखंड का सुप्रसिद्ध गायक, गीतकार अर संगीत निर्देशक संतोष खेतवाला पैला गीत संग्रै ‘चॉंदि सि हिमालै’ को विमोचन गढरत्न नरेंद्र सिंह नेगी जी का कर-कमलों से 7 नवंबर 2025 मा देहरादून का दून लाइब्रेरी सभागार मा ह्वे। ये कार्यक्रम मा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ नंद किशोर हटवाल विशिष्ट अतिथि अर कवि, गीतकार मदन मोहन डुकलाण व विजय मधुर वक्ता का रूप मा मौजूद छया।
दून लाइब्रेरी अर रिसर्च सेंटर, देहरादून का सभागार मा आयोजित ये विमोचन कार्यक्रम को शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन का दगड़ ह्वे। येका तुंरत बाद खेतवाल जी का गीत संग्रह ‘चॉंदि सि हिमालै’ को विमोचन करेगे। विमोचन का बाद खेतवाल जीन् पुस्तक अर अपणि लगभग चालीस साल की गीत जातरा का बारा मा विस्तार से बतै। वूंन बोलि कि नौकरि दगड़ इना रचनात्मक कामों का वास्ता समै निकळणू भौत मुश्किल छ। अगर समै मिल्दो त कुछ हौरि बि गीत मि लेखि सकदु छौ।
तीन भागों मा प्रकाशित 137 गीतों का ये संग्रह का बारा मा कवि अर संपादक मदन मोहन डुकलाण जीन् बोले कि यो संग्रह खेतवाल जी का चार दशकों का रचनाकर्म को दस्तावेज छ। वूंन बोले कि यीं पोथि मा पारंपरिक विषयों का दगडै-दगड़ उत्तराखंड की सैन्य परंपरा पर भी गीत छन जौंमा काफी शोध कयूं दिखेणू छ। कवि व रंगकर्मी विजय मधुर जीन् पुस्तक की ग्हैरै तक छाळछांट करि अर बोले कि यीं पोथि मा दारू जनि कुप्रथा पर बि 20-22 साल लिख्यूं गीत छ जो अपसंस्कृति हम आज अपणा समाज मा दिखणा छा। पुस्तक पर वक्ताओं का ब्वन का बाद खेतवाल जी का गायक सुपुत्र अर मुंबई मा साउंड इंजीनियर संकल्प खेतवाल न् यीं पोथि बटि एक गीत ‘मठु-मठु हिट…’ गै। ये मौका पर खेतवाल जी का परिवार का हौरि लोग जनकि पुत्री व दामाद न् बि अपणि बात रखे।
परिवारजनों का बाद मंचासीन अतिथियों मदे डॉ स्वामी एस चंद्रा जी न् अपणि बात बोलि। वूंन बोले कि हम तैं अपणा गीतकार-गायकों तैं लगातार प्रोत्साहित कर्यूं चयेंद। ताकि वो अच्छा से अच्छा गीत समाज तै दे सकीन्। ये ही क्रम मा लोक मर्मज्ञ डॉ नंद किशोर हटवाल जीन् पोथि मा प्रकाशित गीतों का बनि-बन्या पक्षों पर बात करे। वूंन बोले कि साहित्य सिर्फ लोकरंजन को साधन नी छ बल्कि ये मा समाज का वास्ता क्वी ना क्वी संदेश जरूर छिप्यूं रैंद। खेतवाल जी का गीतों मा भी समाज का वास्ता अदृश्य संदेश हमतै दिखणा को मिल्दन। कार्यक्रम मा मुख्य अतिथि का रूप मा उपस्थित गढरत्न नरेंद्र सिंह नेगी जीन् बोले संतोष खेतवाल काफी समय बटि लिखणू छ अर कैसेट का माध्यम से लोग वेका गीतों तैं सुणदा बि रैनि। वूंन बोलि कि संतोष खेतवाल जीन् फिल्मों का वास्ता भि गीत लेखीनी दो कुछ गीत मेरा बि गयां छन। ये गीत काफी अच्छा छन अर नई पीढ़ी तैं यूं गीतों तै पढ़ण-गाण चयेंद

ये कार्यक्रम मा गढ़वाल विश्वविद्यालय का पूर्व प्राध्यापक डॉ संपूर्ण सिंह रावत, कर्नल मदन मोहन कंडवाल, कारा-एक प्रथा का लेखक-निर्देशक सुनील बडोनी, नाटककार कुलानंद घनशाला, आलोक मलासी, चंद्रदत्त सुयाल, कांता घिल्डियाल, सुरेश स्नेही, दून लाइब्रेरी का चंद्र शेखर तिवारी, रामचरण जुयाल, परणिता डोभाल का दगड़ै-दगड़ खेतवाल जी का परिवार का लोग- माता माहेश्वरी देवी, पत्नी पुष्पा खेतवाल आदि उपस्थित छया। कार्यक्रम को संचालन आशीष सुंदरियाल न् करे।
रिपोर्ट-विजय मधुर



